भ्रामक जानकारी के युग में पत्रकारिता की भूमिका

Date & Author :

जून 4, 2025
. By Columnist: Jammu Kashmir Study Centre

Introduction

दुष्प्रचार लोकतंत्र के लिए सबसे बड़े खतरों में से एक बनकर उभरा है। क्या इस दौर में पत्रकारिता अभी भी सत्य की सेवा कर सकती है?

मुख्य भाग:

    पृष्ठभूमि:

    • सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर फर्जी खबरें वास्तविक खबरों की तुलना में अधिक तेजी से फैलती हैं।

    तथ्य:

    • अध्ययनों से पता चलता है कि ट्विटर पर झूठी खबरें साझा किये जाने की संभावना 70% अधिक होती है।

    विश्लेषण:

    • पत्रकारों को सिर्फ रिपोर्टिंग करने से हटकर सक्रिय सत्यापनकर्ता और स्पष्टीकरणकर्ता बनना होगा।

    प्रतिबिंदु:

    • कुछ लोगों का तर्क है कि अत्यधिक संयम से अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को खतरा है।

    निष्कर्ष:

    • पत्रकार की भूमिका अब निष्क्रिय नहीं रही। यह डिजिटल युद्धक्षेत्र में सत्य की लड़ाई है।

     

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