स्वदेशी आवाज़ें शिखर सम्मेलन – 2024
जनजातीय अधिकारों, सांस्कृतिक संरक्षण और जमीनी स्तर पर सक्रियता पर ध्यान केंद्रित किया गया।
मुख्य भाग:
पृष्ठभूमि:
पूर्वोत्तर और मध्य भारत के स्वदेशी समुदायों के साथ सहयोग।
आँकड़े:
60 से अधिक सामुदायिक नेता, 1000 उपस्थित लोग।
विश्लेषण:
भूमि अधिकार, शिक्षा तक पहुंच और सांस्कृतिक स्वायत्तता पर चर्चा की गई।
निष्कर्ष:
भारत की बहुसांस्कृतिक पहचान का एक सशक्त अनुस्मारक।
टैग एवं श्रेणियाँ:
टैग: आदिवासी अधिकार, समावेशन | श्रेणी: पिछली घटनाएँ