‘जम्मू काश्मीर- एक नवविमर्श’ विषयक दस दिवसीय कार्यशाला का नौवां दिन

जेकेएससी और इतिहास विभाग के संयुक्त तत्वाधान में चल रही है कार्यशाला

कार्यशाला के नौवें दिन जम्मू-काश्मीर विषय पर हुआ परीक्षा का आयोजन

 पाठ्यक्रम का हिस्सा बने जम्मू काश्मीर – प्रो. आराधना

Jammu Kashmir Study Centre (logo)

 मेरठ, 16 मार्च। चौ. चरण सिंह विश्वविद्यालय के इतिहास विभाग और जम्मू काश्मीर अध्ययन केन्द्र के संयुक्त तत्वाधान में आयोजित ‘जम्मू काश्मीर- एक नवविमर्श’ विषयक दस दिवसीय कार्यशाला के नौवें दिन जम्मू काश्मीर के विषय पर परीक्षा और खुले सत्र का आयोजन किया गया। जम्मू काश्मीर अध्ययन केन्द्र के निदेशक आशुतोष भटनागर ने कहा कि भारत की सबसे बडी असफलता रही है कि आजादी के छह दशक बाद भी लाखों करोड रूपये खर्च कर, हजारों सैनिकों के बलिदान के पश्चात भी जम्मू-कश्मीर की देश के प्रति एकात्मता उत्पन्न नहीं की जा सकी। संवैधानिक विसंगतियों के कारण वहां के लोगों और शेष भारत के लोगों में आज भी भ्रम बना रहता है कि जम्मू-काश्मीर शेष भारत से अलग है। उन्होंने कहा कि इसे केवल कश्मीर की समस्या के नजरिये से नहीं देखना होगा, यह भारत की समस्या है और इसका समाधान भी भारत को ही ढूंढना होगा।

कार्यशाला की आयोजक प्रो. आराधना ने बताया कि जम्मू-काश्मीर के राजनैतिक, सामजिक, भौगोलिक और सामरिक महत्व को अकादमिक जगत में विमर्श का विषय बनाने के उद्देश्य से आयोजित यह दस दिवसीय कार्यशाल पूरी तरीके से सफल रही। उन्होंने कहा कि अबतक चले सभी सत्रों में छात्रों, शिक्षकों और प्रतिभागियों ने जो अनुभव साझा किये उसे देखते हुए कहा जा सकता है कि ऐसे विषय को पाठ्यक्रम का हिस्सा होना चाहिए जिससे सही और तथ्यपरक जानकारी आमजन तक पहुंच सके। उन्होंने बताया कि कार्यशाला के नौवें दिन जम्मू काश्मीर के विषय पर आयोजित परीक्षा में लगभग सवा सौ से अधिक छात्रों ने सहभाग लिया। इस परीक्षा में प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान पाने वालों को कल समापन समारोह में पुरस्कृत किया जाएगा, साथ ही अन्य सभी प्रतिभागियों को प्रशस्ति पत्र से सम्मानित किया जाएगा।

प्रो. आराधना ने बताया कि कार्यशाला का कल आखिरी और समापन सत्र है। इस सत्र में बतौर विशिष्ठ अतिथि पद्म पुरस्कार से सम्मानित वरिष्ठ पत्रकार जवाहरलाल कौल शिरकत करेंगे। इसके अलावां मेरठ के सांसद राजेन्द्र अग्रवाल, सीसीएसयू के कुलपति प्रो. एनके तनेजा, जेकेएससी के संस्थापक ट्रस्टी सीए अनिल गोयल, सहित कई विशिष्ठ लोग संबोधित करेंगे।