मंडी हाउस सर्किल का नाम आचार्य अभिनव गुप्त पर रखने का प्रस्ताव

New Delhi MP Minakshi Lekhi and Executive Chairmen of Acharya Abhinavagupta Samaroh Samiti, Sri Jawaharlal Kaul (President, JKSC)

 अवनीश सिंह, जेकेएन:

नई दिल्ली। मंडी हाउस सर्किल का नाम आचार्य अभिनवगुप्त रखे जाने के प्रस्ताव नई दिल्ली नगर निगम (एमडीएमसी) को दिया गया है। आचार्य अभिनवगुप्त सहस्राब्दी समारोह की शुरूआत करते हुए नई दिल्ली की सांसद मीनाक्षी लेखी ने कहा कि काशमीर के इतने बड़े दार्शनिक के नाम पर इस सर्किल का नाम रखा जाना सौभाग्य की बात होगी और इस प्रस्ताव का मैं समर्थन करती हूं।

आचार्य अभिनवगुप्त के शिवलीन होने के एक हजार साल पूरे होने पर पूरे देश में सहस्राब्दी समारोह मनाया जा रहा है। इसके तहत देश के अलग अलग स्थानों पर कई तरह के कार्यक्रम आयोजित हो रहे हैं। राजधानी दिल्ली में आचार्य अभिनवगुप्त सहस्राब्दी समारोह के उद्घाटन कार्यक्रम में 1000 दियों को जलाकर श्रद्धादीप अर्पित कर श्रद्धाजंलि दी गयी।

इस अवसर पर बोलते हुए लेखी ने कहा कि काश्मीर देश को ज्ञान देने वाला केंद्र रहा है। लेकिन देश के अध्यातम और दर्शन में इसके योगदान को उतना महत्व नहीं दिया गया, जितना देना चाहिए था। लिहाजा अब जरूरत है कि पूरे देश की सांस्कृति विरासत में काश्मीर के योगदान को बताया जाए। उन्होंने कहा कि आचार्य अभिनवगुप्त के दर्शन से पूरे देश को परिचित कराना जरुरी है। जिस महान संत के बारे में दुनिया के 50 विश्वविद्यालयों में रिसर्च हो रही है, जिन्होंने शैव मत, तंत्र शास्त्र, परमार्थ सार, प्रत्यभिज्ञा, विमर्शिनी गीतार्थ संग्रह जैसी कालजयी रचनाएं लिखी। उनपर हमारे देश में जानकारी सीमित है। इस संदर्भ में जम्मू काश्मीर अध्ययन केंद्र का ये प्रयास काफी सराहनीय है।

आचार्य अभिनवगुप्त सहस्राब्दी समारोह समिति के महासचिव अजय भारती ने कहा कियह हमारा सौभाग्य है कि आचार्य अभिनवगुप्त के महाप्रयाण के सहस्राब्दी समारोह के आयोजन का अवसर हमें प्राप्त हुआ है। भारतीय ज्ञान परम्परा के इस पुरोधा का जीवन हम सबके लिये प्रेरणादायी है। दार्शनिक स्तर पर समन्वय के जो सूत्र आचार्य अभिनवगुप्त ने छोड़े हैं, उनके सिरे पकड़ कर आज उपस्थित दार्शनिक, आध्यात्मिक और लौकिक समस्याओं के समाधान की ओर बढ़ा जा सकता है।

कार्यक्रम में मुख्य रूप से जम्मू-काश्मीर अध्ययन केन्द्र के चेयरमैन जवाहरलाल कौल, डॉ. राजनरायण शुक्ल, प्रो. रमेश पाण्डेय, डॉ. मनमोहन शर्मा, महेन्द्र मेहता सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित थे। कार्यक्रम की शुरूआत शिव स्तोत्र से हुई। इस दौरान प्रोजक्टर द्वारा प्रख्यात आध्यात्मिक गुरू श्री श्री रविशंकर का संदेश भी प्रस्तुत किया गया।